आदिम जाति कल्याण विभाग

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग
जिला दक्षिण बस्‍तर दंतेवाड़ा (छ.ग.)
जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा अंतर्गत विभागीय 70 आश्रम एवं 55 छात्रावास कुल 125 आश्रम/छात्रावास संचालित है। आश्रम में कुल स्वीकृत सीट 6070 है जिसके विरूद्ध में 5759 छात्र/छात्राएं प्रवेशित है एवं छात्रावास में स्वीकृत सीट 5465 जिसके विरूद्ध 4284 छात्र/छात्राएं प्रवेशित है। इन छात्र.छात्राओं को निम्न दर्शित विभागीय योजनओं अंतर्गत लाभान्वित किया जाता है
1.छात्रावास/आश्रम सुविधा
अपने निवास के 3 कि.मी. की दूरी में षिक्षण संस्था न होने से अन्य संस्था में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, पानी, बिजली, भोजनालय सुविधा उपलब्ध कराने के उददेश्य से छात्रावास/आश्रम संचालित है। इन संस्थाओं में निवासरत् अनुजजा / जाति के प्री.मै.स्तर के छात्र-छात्राओं को 850/- प्रतिमाह शिष्यवृत्ति प्रदान की जाती है। वर्ष 2016 -17 में कुल 10043 छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।
2.भोजन सहाय योजना
इसके तहत् कक्षा 11वीं एवं आगे की कक्षाओं में अध्ययनरत् छात्रवासी विद्यार्थियों को केन्द्र प्रवर्तित योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके दरे पर्याप्त नहीं होने के कारण छात्रावासों में भोजन व्यवस्था हेतु प्रतिमाह प्रति छात्र/छात्राओं को 500/- रू. भोजन सहाय अंतर्गत सहायता दी जाती हैं। वर्ष 2016-17 में इस योजनान्तर्गत कुल 920 छात्र/छात्राएं लाभान्वित हुए है।
3.स्वस्थ तन-स्वस्थ मन योजना
छात्रावास / आश्रमों में निवास करने वाले छात्र/छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु यह योजना लागू है। इसके अंतर्गत चिकित्सकों को अनुबंधित कर माह में 02 बार छात्र/छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। वर्ष 2016-17 में इस योजनान्तर्गत कुल 6790/- छात्र/छात्राएं लाभान्वित हुए है।
4.विषेष कोचिंग योजना
इस योजना अंतर्गत विभाग द्वारा संचालित माध्यमिक स्तर के आश्रमों एवं समस्त छात्रावासों में प्रवेषित कक्षा 8वीं से 12वीं तक के समस्त विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाता है। वर्ष 2016-17 में कुल 1645 छात्र/छात्राओं को इस योजनान्तर्गत लाभाविंत किया गया है।
5.जवाहर आदिम जाति उत्कर्ष योजना
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रतिभावन छात्र-छात्राओं को षिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थाओं (शासकीय एवं निजी) में प्रवेश दिलाकर प्रतिस्पर्धात्मक बनाना इस योजना का उद्देष्य है। इस योजना के तहत् आश्रम/छात्रावासों एवं अन्य संस्थाओं में अध्ययनरत् ऐसे छात्र/छात्राएं जो 5वीं तथा 8वीं बोर्ड परीक्षा में जिले में क्रमशः न्यूनतम 80 से 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हो विद्यार्थी पात्र होते है।

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